भारत के ज्यादातर मोहल्लों में एक गोल-मटोल, हिलते-डुलते चलने वाला लैब्राडोर मिल जाएगा, जिसके घरवाले सोचते हैं कि वह बस “हेल्दी” है। ज्यादा वजन लैब की सबसे आम दिक्कतों में से एक है, और सबसे आसानी से टाली जा सकने वाली दिक्कतों में से भी, और इससे उनकी उम्र घटती है। अच्छी खबर यह है कि एक तौलने वाली मशीन और प्लान पर टिके रहने वाले परिवार के साथ इसे घर पर ही ठीक किया जा सकता है। अगर आपके कुत्ते का वजन बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है, वह उम्रदराज है, या उसे कोई बीमारी है, तो शुरुआत वेट (जानवरों के डॉक्टर) के पास जाकर करें।
लैब का वजन इतनी आसानी से क्यों बढ़ता है
इसकी एक वजह जेनेटिक है। करीब एक चौथाई लैब्राडोर में POMC नाम के जीन में एक बदलाव होता है, जो दिमाग के “पेट भर गया” वाले सिग्नल को कमजोर करता है, उन्हें खाने के लिए ज्यादा लालची बनाता है, और जीन की हर कॉपी के साथ औसतन करीब 1.9 किलो वजन बढ़ाता है (Raffan et al., 2016; University of Cambridge)। ऐसे लैब को सच में ज्यादा भूख लगती है।
भारतीय घरों की अपनी वजहें भी हैं:
- परिवार की थाली से खाना खिलाना प्यार की निशानी माना जाता है
- घर में हर कोई कुत्ते को खिलाता है, और कोई हिसाब नहीं रखता
- गोल-मटोल कुत्ते को अच्छा खाता-पीता, खुश कुत्ता समझा जाता है
- गर्म दोपहर और फ्लैट में रहने से कसरत कम हो जाती है
- नसबंदी के बाद कुत्तों को कम कैलोरी चाहिए, लेकिन अक्सर उन्हें उतना ही खाना मिलता रहता है
सही वजन कैसा दिखता है
अमेरिकन केनेल क्लब का ब्रीड स्टैंडर्ड नर के लिए 29.5 से 36 किलो और मादा के लिए 25 से 32 किलो बताता है (AKC)। हर कुत्ते की कद-काठी अलग होती है, इसलिए सिर्फ मशीन पर नहीं, अपने हाथों और आंखों पर भी भरोसा करें:
- पसलियां: हल्के से छूने पर आसानी से महसूस हों, जैसे आपकी हथेली के पीछे वाले हिस्से की हड्डियां। अगर उन्हें ढूंढने के लिए दबाना पड़े, तो आपके कुत्ते का वजन ज्यादा है।
- कमर: ऊपर से देखने पर पसलियों के पीछे साफ पतलापन दिखे।
- ऊपर उठा पेट: बगल से देखने पर पेट पिछली टांगों की तरफ ऊपर उठता दिखे, एक सीध में नीचे लटका हुआ नहीं।
इनमें से एक भी जांच में फेल हो, तो आपके लैब का वजन शायद ज्यादा है। तीनों में फेल हो, तो प्लान बनाने का समय आ गया है, हो सके तो वेट से चेक-अप करवाकर।
ज्यादा वजन से आपके कुत्ते का क्या नुकसान होता है
- उम्र घटती है। एक स्टडी में 48 लैब्राडोर पर पपी की उम्र से नजर रखी गई: जिन्हें 25% कम खाना दिया गया, उनकी मीडियन उम्र (यानी आधे कुत्ते इससे कम और आधे इससे ज्यादा जिए) 13.0 साल रही, जबकि उन्हीं के साथ पैदा हुए जिन भाई-बहनों को मन भर खाने दिया गया, उनकी 11.2 साल। यानी कम खाने वाले कुत्ते 1.8 साल ज्यादा जिए (Kealy et al., 2002)। उत्तरी अमेरिका के पालतू कुत्तों में, ज्यादा वजन वाले लैब्राडोर सामान्य वजन वालों से करीब आधा साल कम जिए (Salt et al., 2019)।
- जोड़ों का दर्द। लैब में हिप और कोहनी (एल्बो) की दिक्कतों का खतरा ज्यादा होता है, और ज्यादा वजन से आर्थराइटिस (गठिया) बिगड़ता है। अच्छी खबर: आर्थराइटिस वाले मोटे कुत्तों ने जब शरीर का करीब 6% वजन घटाया, तो मापने पर उनका लंगड़ाना कम पाया गया (Marshall et al., 2010)। यह भी देखें: हिप डिस्प्लेसिया (अंग्रेजी में)।
वजन घटाने का प्लान
स्टेप 1: खाना तौलें
जिन लैब का वजन ज्यादा है, उनमें से ज्यादातर बस जरूरत से अधिक खा रहे होते हैं। किचन स्केल से हर बार का खाना ग्राम में तौलें, “एक कटोरी” या “एक कप” के अंदाजे से नहीं। फूड बैग पर दी गई फीडिंग गाइड में कुत्ते के टारगेट वजन (जिस वजन पर आप उसे लाना चाहते हैं) के हिसाब से मात्रा देखें, मौजूदा वजन के हिसाब से नहीं, और वह मात्रा दिन में दो बार में बांटकर दें, या हमेशा भूखे रहने वाले लैब को तीन बार में थोड़ा-थोड़ा। हर दो हफ्ते में कुत्ते का वजन चेक करें और मात्रा बदलें।
स्टेप 2: तीन महीने तक ऊपर का सब बंद
न रोटी, न चावल, न बिस्किट, न पनीर, और न किसी की थाली से “बस एक कौर”। खाना सिर्फ एक कटोरे से, तौलकर। तीन महीने बाद, अगर वजन घट रहा है, तो थोड़ा-सा सादा उबला चिकन, अंडा या सब्जियां फिर से दे सकते हैं, दिन के खाने का हिस्सा गिनकर। ऊपर से घी या तेल न डालें: डॉग फूड में पहले से उतना फैट है जितना आपके कुत्ते को चाहिए।
स्टेप 3: ट्रीट का मतलब बदलें
- दिन के किबल में से कुछ दाने अलग रख लें और उन्हें ट्रीट की तरह दें
- गाजर या खीरे के टुकड़े, या गर्मी के दिन बर्फ का एक टुकड़ा
- तारीफ और खेल भी इनाम ही हैं
स्टेप 4: हर महीने थोड़ा ज्यादा चलाएं
पहले महीने हर वॉक में दस मिनट जोड़ें, और कुत्ते के फिट होने के साथ अगले महीनों में और ज्यादा। ज्यादातर लैब को पानी बहुत पसंद होता है, और तैरने से भारी शरीर के जोड़ों पर झटका पड़े बिना कैलोरी बर्न होती है। मार्च से मई में वॉक दिन के ठंडे समय में ही करवाएं, और अगर घुमाने के लिए कोई नई जगह चाहिए तो देखें बेंगलुरु के किन पार्कों में कुत्ते ले जा सकते हैं (अंग्रेजी में)।
स्टेप 5: धीरे-धीरे घटाएं
हर हफ्ते शरीर के वजन का करीब 1% घटाने का लक्ष्य रखें: 40 किलो के कुत्ते के लिए हफ्ते में करीब 400 ग्राम। सख्त डाइट पर रखे गए, रिसर्च में शामिल कुत्तों ने हर हफ्ते 1 से 2% वजन घटाया (Flanagan et al., 2017), और घर के पालतू कुत्ते आम तौर पर 0.5 से 1% घटाते हैं (German, 2016)। वजन धीरे-धीरे घटे, तो भी ठीक है। कुत्ते को हमेशा एक ही मशीन पर, दिन के एक ही समय तौलें, और लिख लें।
क्या खिलाएं
आम तौर पर वही फूड जो आप पहले से खिला रहे हैं, सही मात्रा में। बड़ी ब्रीड या लैब्राडोर के लिए बना फूड (Royal Canin का एक ऐसा फूड भारत में बिकता है) लेने से सुविधा रहती है, लेकिन ब्रांड से ज्यादा मात्रा मायने रखती है। ब्रांड और दाम के लिए देखें डॉग फूड की तुलना। अगर आपके कुत्ते का वजन बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है या वह हर वक्त बेहद भूखा रहता है, तो वजन घटाने वाली प्रिस्क्रिप्शन डाइट के बारे में वेट से पूछें।
पकी हुई हरी बीन्स, गाजर या कद्दू मिलाकर कम मात्रा को भी भरा-भरा बनाया जा सकता है, ताकि कटोरा भरा दिखे।
सबसे मुश्किल हिस्सा: परिवार
सबसे बड़ी रुकावट आम तौर पर कुत्ता नहीं होता, बल्कि घर के लोग होते हैं: दादा-दादी, जो टेबल के नीचे से चुपके से इडली के टुकड़े खिला देते हैं, बच्चे जो अपने बिस्किट कुत्ते को खिला देते हैं, या घर में काम करने वाले, जो खाने में घी डाल देते हैं “क्योंकि कुत्ते को भी अच्छा खाना मिलना चाहिए”।
परिवार के साथ बैठकर बात करें। समझाएं कि बात कुत्ते की सेहत और उम्र की है, दिखने की नहीं। मिलकर नियम तय करें:
- कुत्ते को एक ही व्यक्ति खिलाएगा
- कोई भी, कभी भी, अपनी थाली से खाना नहीं देगा
- ट्रीट सिर्फ ट्रीट वाले डिब्बे से, और डिब्बे का हिसाब रखा जाएगा
- नियम फ्रिज पर चिपका दें
लैब का वजन तब घटता है जब पूरा घर इस पर टिका रहता है, और तब नहीं घटता जब एक भी व्यक्ति चुपके से उसे खिला रहा हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरा लैब हमेशा भूखा रहता है। क्या करूं? कई लैब ऐसे होते हैं, और POMC जीन इसकी एक वजह है। दिन का खाना तीन छोटे हिस्सों में बांटें, स्लो-फीडर बाउल या फूड पजल इस्तेमाल करें ताकि खाने में ज्यादा देर लगे, और सब्जियों से खाने को भरा-भरा बनाएं।
क्या मेरे 8 साल के लैब के लिए बहुत देर हो चुकी है? नहीं। उम्रदराज कुत्तों को भी वजन घटाने से फायदा होता है। इनका वजन और भी धीरे घटाएं, हफ्ते में करीब 0.5%, और पहले वेट को दिखाएं।
क्या लैब को वजन घटाने की दवा देनी चाहिए? कोई भी गोली डाइट की जगह नहीं ले सकती। Slentrol नाम की दवा, जो कभी कुत्तों का वजन घटाने के लिए बिकती थी, उसकी कंपनी के कहने पर यूरोप में बाजार से हटा ली गई है (EMA)। अगर डाइट और कसरत से फर्क नहीं पड़ रहा, तो वेट किसी मेडिकल वजह की जांच कर सकते हैं, जैसे थायरॉइड का कम काम करना।
लैब की नसबंदी कब करवाएं? 35 ब्रीड पर हुई एक स्टडी का सुझाव है: नर की नसबंदी 6 महीने की उम्र के बाद और मादा की 11 महीने के बाद, क्योंकि इससे पहले नसबंदी को जोड़ों की ज्यादा दिक्कतों से जुड़ा पाया गया (Hart et al., 2020)। नसबंदी के बाद वजन पर नजर रखें: कई कुत्तों को कम खाने की जरूरत होती है।
स्वस्थ एडल्ट लैब को कितनी कसरत चाहिए? लैब वर्किंग डॉग (काम के लिए पाली गई नस्ल) हैं और उन्हें हर दिन, बिना नागा, वॉक और भाग-दौड़ वाला खेल चाहिए। ज्यादा वजन वाले कुत्ते के लिए धीरे-धीरे बढ़ाएं, और अगर जोड़ों में दर्द है तो वेट से पूछें।
क्या वजन घटाने के प्लान में खर्च ज्यादा आता है? आम तौर पर कम: नपी-तुली मात्रा में खाना कम लगता है। महीने के पूरे बजट के लिए देखें बेंगलुरु में कुत्ता पालने का खर्च (अंग्रेजी में)।
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